क्या आपकी कुंडली में लक्ष्मी योग है? - Do you have Laxmi Yoga in your kundali

ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग या लक्ष्मी योग काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र कुंडली में यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादशेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा द्वितीयेश एवं एकादशेश एक साथ व नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान होता है.
image
Do you have Laxmi Yoga in your kundali

Latest News

क्या आपकी कुंडली में लक्ष्मी योग है? - Do you have Laxmi Yoga in your kundali

image
ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग या लक्ष्मी योग काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र कुंडली में यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादशेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा द्वितीयेश एवं एकादशेश एक साथ व नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान होता है....
Full story

केमद्रुम योग - Kemadruma Yoga

image
केमद्रुम योग (Kemadruma Yoga) इतना अनिष्टकारी नहीं होता जितना कि वर्तमान समय के ज्योतिषियों ने इसे बना दिया है. व्यक्ति को इससे भयभीत नहीं होना चाहिए क्योंकि यह योग व्यक्ति को सदैव बुरे प्रभाव नहीं देता अपितु वह व्यक्ति को जीवन में संघर्ष से जूझने की क्षमता एवं ताकत देता है, जिसे अपनाकर जातक अपना भाग्य निर्माण कर पाने में सक्षम हो सकता है और अपनी बाधाओं से उबर कर आने वाले समय का अभिनंदन कर सकता है. ...
Full story

Diwali Puja Vidhi in Hindi - दीपावली पूजन विधि

image
दीपावली यानी धन और समृद्धि का त्यौहार. इस त्यौहार में गणेश और माता लक्ष्मी के साथ ही साथ धनाधिपति भगवान कुबेर, सरस्वती और काली माता की भी पूजा की जाती है. सरस्वती और काली भी माता लक्ष्मी के ही सात्विक और तामसिक रूप हैं. जब सरस्वती, लक्ष्मी और काली एक होती हैं तब महालक्ष्मी बन जाती हैं. ...
Full story
Kundli Software
image

क्या आपकी कुंडली में लक्ष्मी योग है? - Do you have Laxmi Yoga in your kundali

ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग या लक्ष्मी योग काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र कुंडली में यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादशेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा द्वितीयेश एवं एकादशेश एक साथ व नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान होता है....
Full story
image

केमद्रुम योग - Kemadruma Yoga

केमद्रुम योग (Kemadruma Yoga) इतना अनिष्टकारी नहीं होता जितना कि वर्तमान समय के ज्योतिषियों ने इसे बना दिया है. व्यक्ति को इससे भयभीत नहीं होना चाहिए क्योंकि यह योग व्यक्ति को सदैव बुरे प्रभाव नहीं देता अपितु वह व्यक्ति को जीवन में संघर्ष से जूझने की क्षमता एवं ताकत देता है, जिसे अपनाकर जातक अपना भाग्य निर्माण कर पाने में सक्षम हो सकता है और अपनी बाधाओं से उबर कर आने वाले समय का अभिनंदन कर सकता है. ...
Full story
image

Diwali Puja Vidhi in Hindi - दीपावली पूजन विधि

दीपावली यानी धन और समृद्धि का त्यौहार. इस त्यौहार में गणेश और माता लक्ष्मी के साथ ही साथ धनाधिपति भगवान कुबेर, सरस्वती और काली माता की भी पूजा की जाती है. सरस्वती और काली भी माता लक्ष्मी के ही सात्विक और तामसिक रूप हैं. जब सरस्वती, लक्ष्मी और काली एक होती हैं तब महालक्ष्मी बन जाती हैं. ...
Full story
image

शुक्र ग्रह की शान्ति के उपाय- Remedies for Venus

ग्रहों में शुक्र को विवाह व वाहन का कारक ग्रह कहा गया है (Venus is the Karak planet of marriage and transportation). इसलिये +वाहन दुर्घटना से बचने के लिये भी ये उपाय किये जा सकते है. ...
Full story

Monthly Horoscope October 2010 - मासिक होरोस्कोप

अक्तूबर माह के लिए यह होरोस्कोप वैदिक एस्ट्रोलोजी के अनुसार चन्द्र राशि (Moon Sign) पर आधारित है. आप अक्तूबर माह का होरोस्कोप पर अपनी चन्द्र ...
Full story
image

शनि साढेसाती के तीन चरण - Three Steps of Shani Sade Sati and you

शनि साढेसाती (Shani Sade Sati) में शनि तीन राशियों पर गोचर करते है. तीन राशियों पर शनि के गोचर को साढेसाती (Shani Sade Sati) के तीन चरण के नाम से भी जाना जाता है. अलग- अलग राशियों के लिये शनि के ये तीन चरण अलग - अलग फल देते है. शनि कि साढेसाती के नाम से ही लोग भयभीत रहते है. ...
Full story
image

कालसर्प शान्ति के लिये नाग पंचमी पूजा- Nag Panchmi 2010: An Occasion to Pacify Kalsarp Dosha

नाग पंचमी श्रवण मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जायेगा, इस वर्ष यह पर्व 14 अगस्त, शनिवार, हस्त नक्षत्र में रहेगा. यह श्रद्धा व विश्वास का पर्व है. नागों को धारण करने वाले भगवान भोलेनाथ की पूजा आराधना करना भी इस दिन विशेष रुप से शुभ माना जाता है....
Full story
image

सोये ग्रह के लिये उपाय - Lal Kitab Remedies for Sleepy Planets

लाल किताब के अनुसार जिस घर में कोई ग्रह न हो तथा जिस घर पर किसी ग्रह की नज़र नहीं पड़ती हो उसे सोया हुआ घर माना जाता है. ...
Full story
image

गुरु वक्री:- 23 जुलाई 2010 कुम्भ में वापसी - Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010

23 जुलाई 2010, 17:33 सांय काल में गुरु मार्गी से वक्री हो जायेगें. ऎसे में गुरु अपनी स्वराशि मीन राशि को छोड शनि की कुम्भ राशि की ओर प्रस्थान करेगें. गुरु की यह वक्री अवस्था 23 जुलाई 2010 से लेकर 1 नवम्बर 2010, दोपहर 12:58 तक रहेगी. लगभग 102 दिन का समय गुरु मार्गी होने में लेगें....
Full story
image

मंगल का कन्या राशि में प्रवेश Mars Enters Virgo 20 July 2010

20 जुलाई 2010, सुबह 06:33 प्रात: मंगल सिंह राशि से बुध की कन्या राशि में प्रवेश करेगें. 20 जुलाई से 05 सितम्बर 2010 तक ये इसी राशि में रहेगें. इस अवधि में मंगल सूर्य के नक्षत्र में रहेगें. मंगल के कन्या राशि में गोचर के लगभग 48 दिन का गोचर शनि के साथ रहेगा. जिनपर स्वराशि के गुरु की दृ्ष्टि रहेगी....
Full story
image

प्रेम विवाह - Love Marriage analysis through the Birth Chart

प्रेम विवाह करने वाले लडके व लडकियों को एक-दुसरे को समझने के अधिक अवसर प्राप्त होते है. इसके फलस्वरुप दोनों एक-दूसरे की रुचि, स्वभाव व पसन्द-नापसन्द को अधिक कुशलता से समझ पाते है. प्रेम विवाह करने वाले वर-वधू भावनाओ व स्नेह की प्रगाढ डोर से बंधे होते है. ऎसे में जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी दोनों का साथ बना रहता है....
Full story
image

विवाह समय निर्धारण - Calculating the time of marriage through Mahadasha

विवाह समय निर्धारण के लिये सबसे पहले कुण्डली में विवाह के योग देखे जाते है. इसके लिये सप्तम भाव, सप्तमेश व शुक्र से संबन्ध बनाने वाले ग्रहों का विश्लेषण किया जाता है. जन्म कुण्डली में जो भी ग्रह अशुभ या पापी ग्रह होकर इन ग्रहों से दृ्ष्टि, युति या स्थिति के प्रभाव से इन ग्रहों से संबन्ध बना रहा होता है. वह ग्रह विवाह में विलम्ब का कारण बन रहा होता है....
Full story
image

पंचक - Panchak

धनिष्ठा का उतरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उतरा भाद्रपद व रेवती इन पांच नक्षत्रों ( सैद्धान्तिक रुप से साढेचार) को पंचक कहते है. पंचक का अर्थ ही पांच का समूह है. सरल शब्दों में कहें तो कुम्भ व मीन में जब चन्द्रमा रहते है. तब तक की अवधि को पंचक कहते है. इन्ही को कहीं-कहीं पर धनिष्ठा पंचक (Dhanishtha Panchak) भी कहा जाता है....
Full story
image

विवाह के तीन सूत्र ग्रह : गुरु, शुक्र व मंगल (Three keys to marriage astrology : Jupiter, Venus and Mars)

जब किसी व्यक्ति की कुण्डली से दांपत्य का विचार किया जाता है, तो उसके लिये गुरु, शुक्र व मंगल का विश्लेषण किया जाता है. इन तीनों ग्रहों कि स्थिति को समझने के बाद ही व्यक्ति के दांपत्य जीवन के विषय में कुछ कहना सही रहता है. आईये यहां हम दाम्पत्य जीवन से जुडे तीन मुख्य ग्रहों को समझने का प्रयास करते है. ...
Full story
image

बुध व गुरु ग्रह की शान्ति के उपाय (Remedies for Mercury and Jupiter according to Vedic Astrology)

ग्रहों के अनुकुल फल प्राप्त करने के लिये संबन्धित ग्रह की शान्ति के उपाये किये जाते है. अन्य कारणों से भी ग्रहों की शान्ति करानी आवश्यक हो जाती है. जैसे:- गण्डमूळ, (Gandmoola) गण्डान्त, (Gandant,) अभुक्तमूल (Abhuktamoola) ...
Full story
image

विवाह से पूर्व प्रश्न कुण्डली से जानिए भावी दम्पत्ति का स्वभाव (Know the nature of the married couple through Horary astrology)

विवाह के बाद पति पत्नी में उनके व्यवहार और स्वभाव को लेकर बात बहुत आगे बढ़ जाती है. प्रश्न कुण्डली से लड़का लड़की का स्वभाव अगर विवाह से पहले ही देख लिया जाए तो विवाह के बाद आने वाली कई परेशानियों से बचाव हो सकता है....
Full story
image

विवाह के लिए प्रश्न कुण्डली में ग्रह स्थिति (The position of planets in the Prashna kundali)

विवाह के लिए प्रश्न कुण्डली में सप्तम, द्वितीय और एकादश भाव को देखा जाता है.विवाह के कारक ग्रह के रूप में पुरूष की कुण्डली में शुक्र और चन्द्रमा (Venus are Moon are the karakas for marriage for males) को देखा जाता है जबकि स्त्री की कुण्डली में मंगल और सूर्य को देखा जाता है (Mars and Sun are marriage karakas for females)...
Full story
image

प्रश्न ज्योतिष से विवाह का विचार - When I will get married - Horary Asrology

विवाह कब होगा इस प्रश्न का विचार करने के लिए द्वितीय, सप्तम, तथा एकादश भाव में कौन से ग्रह हैं इनको देखा जाता है (The second and the seventh house should be assessed for marriage.)....
Full story
image

जैमिनी ज्योतिष से व्यक्तित्व एवं रूप-रंग का विचार (Analysing Personality and Looks Through Jaimini Jyotish)

जैमिनी ज्योतिष की मान्यता है कि प्राणपद लग्न कर्क राशि में(Pranapada Lagna in Cancer) स्थित होने पर व्यक्ति में दिखावे की प्रवृति होती है. चन्द्रमा अथवा राहु पांचवे घर में स्थित हो अथवा उनमें दृष्टि सम्बन्ध बन रहे हों तो व्यक्ति उदासीन एवं निराशावादी होता है. ...
Full story
image

सिनेमा सितारे और ज्योतिष (Astrology and Film Industry)

ज्योतिष एवं कैरियर की श्रंखला में आज फिल्म एवं टेलिविजन से संबन्धित कैरियर के लिये ज्योतिष दशाएं, ग्रह संबध, ग्रह दृष्टि , ग्रह युति व वर्तमान गोचर पर विचार करते हैं ...
Full story
image

Raksha Bandhan Muhurat - 24th August 2010 - रक्षा बंधन मुहूर्त 24 अगस्त 2010

इस वर्ष राखी का दिन मंगलवार 24 अगस्त 2010 के दिन पड़ रहा है. इस दिन राखी बांधने के लिये कौन सा दिन शुभ रहेगा.....
Full story
image

राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल (Yoga related with Rahu and thier results)

राहु को अंग्रेजी में ड्रैगन हेड के नाम से जाना जाता है.पौराणिक ग्रंथों में भी इसे सर्प का सिर कहा गया है.केतु के साथ मिलकर यह कालसर्प नामक अशुभ योग का निर्माण करता है.यह इसी प्रकार विभिन्न ग्रहों एवं स्थान में रहकर यह अलग अलग योग बनाता है....
Full story
image

राहु-कालम : शुभ कार्यो में विशेष रुप से त्याज्य (Rahu Kalam: Aboondoned for Auspicious Events)

समय के दो पहलू है. पहले प्रकार का समय व्यक्ति को ठीक समय पर काम करने के लिये प्रेरित करता है. तो दूसरा समय उस काम को किस समय करना चाहिए इसका ज्ञान कराता है. (The first phase acts as a guide while in the second phase even the seconds are considered to determine the position of Moon or to obtain the period of Rahu Kaal.) पहला समय मार्गदर्शक की तरह काम करता है. जबकि दूसरा पल-पल का ध्यान रखते हुये कभी चन्द्र की दशाओं का तो कभी राहु काल की जानकारी देता है....
Full story
image

मंगल की शान्ति के उपाय (Remedies for Mars According to Vedic Astrology)

जन्म कुण्डली (Birth Chart in Jyotish) या गोचर में जब ग्रहों का शुभ फल प्राप्त न हो रहा हों या फिर पाप ग्रहों के प्रभाव में होने के कारण जब ग्रह व्यक्ति के लिये अनिष्ट या अरिष्ट का कारण बन रहे हों तो ग्रहों से संबन्धित उपाय (Remedies related to Planets Through Astrology) करने से व्यक्ति के कष्टों में कमी की संभावनाएं बनती है. ...
Full story
image

चन्द्र की शान्ति के उपाय (Remedies for Moon according to Vedic Astrology)

नक्षत्रों से बनने वाले अशुभ योगों में जन्म लेने या फिर नक्षत्रों का अशुभ प्रभाव दूर करने के लिये नक्षत्रों की शान्ति के उपाय किये जाते है. जब किसी का जन्म गण्डमूळ, गण्डान्त, अभुक्तमूल (remedies for the Gandmoola, Gandaant, Abhuktamoola) आदि में जन्म लेने पर शान्तिविधान कराने चाहिए. कुण्ड्ली में ग्रह पीडा होने पर गोचर का जो ग्रह व्यक्ति को पीडा दे रहा हों (If Planets giving inauspicious results during transit then the person should perform remedies for them) तो निम्न प्रकार से ग्रहों की शान्ति के उपाय किये जाते है....
Full story
image

सूर्य की शान्ति के उपाय (Remedies for Sun Through Vedic Astrology)

नक्षत्रों से बनने वाले अशुभ योगों में जन्म लेने या फिर नक्षत्रों का अशुभ प्रभाव दूर करने के लिये नक्षत्रों की शान्ति के उपाय किये जाते है. जब किसी का जन्म गण्डमूळ, गण्डान्त, अभुक्तमूल आदि में जन्म लेने पर शान्तिविधान कराने चाहिए (remedies for the Gandmoola, Gandaant, Abhuktamoola). कुण्ड्ली में रह पीडा होने पर गोचर का जो ग्रह व्यक्ति को पीडा दे रहा हों (If planets give malefic results during transit then the person should perform remedies for their peace) तो निम्न प्रकार से ग्रहों की शान्ति के उपाय किये जाते है....
Full story
image

आजिविका में सफलता के सूत्र: ज्योतिष के झरोखे से (Success in your Career from the Perspective of Vedic Astrology)

आजिविका के क्षेत्र में सफलता व उन्नति प्राप्त करने के लिये व्यक्ति में अनेक गुण होने चाहिए, सभी गुण एक ही व्यक्ति में पाये जाने संभव नहीं है. किसी के पास योग्यता है तो किसी व्यक्ति के पास अनुभव पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोई व्यक्ति अपने आजिविका क्षेत्र में इसलिये सफल है कि उसमें स्नेह पूर्ण व सहयोगपूर्ण व्यवहार है....
Full story
image

व्यवसाय एवं नौकरी में उन्नति -प्रमोशन (Your Promotion and astrology)

अधिकांश व्यक्तियों का प्रश्न होता है कि उन्हें व्यवसाय अथवा सर्विस में प्रमोशन कब मिलेगा? कुछ व्यक्तियों को अत्यधिक परिश्रम के बाद भी आशानुरूप सफलता नहीं मिल पाती है और कुछ को थोड़ी सी मेहनत से ही अच्छी सफलता मिल जाती है. यह ग्रहों और उनके गोचर का प्रभाव होता है. ...
Full story
image

राजनीति में प्रवेश एवं सफलता के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Carrer in Politics)

अन्य व्यवसायों एवं कैरियर की भांति ही राजनीति में प्रवेश करने वालों की कुंडली में भी ज्योतिष योग होते हैं. राजनीति में सफल रहे व्यक्तियों की कुंडली में ग्रहों का विशिष्ट संयोग देखा गया है,...
Full story

सू्र्य को बनाएं बली (Remedies for Malefic Sun in Lal Kitab)

सूर्य नवग्रहों का राजा है. यह कुण्डली में बली हो तो व्यक्ति राजकीय सम्मान प्राप्त करता है. मान सम्मान यश और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है. ...
Full story
image

होटल प्रबन्धन में सफलता के लिये ज्योतिष योग (Astrology & Success in Hotel Management)

होटल प्रबन्धन एक आकर्षक कैरियर है. यदि आप होटल प्रबन्धन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो देखिये कि कौन से ज्योतिष योग आपको इस व्यवसाय अथवा इस क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं....
Full story
image

मूहूर्त के अनुसार विवाह में वर्जित काल (Prohibited Duration For Marriage in Muhurutha)

वैवाहिक जीवन की शुभता को बनाये रखने के लिये यह कार्य शुभ समय में करना उतम रहता है. अन्यथा इस परिणय सूत्र की शुभता में कमी होने की संभावनाएं बनती है. कुछ समय काल विवाह के लिये विशेष रुप से शुभ समझे जाते है. इस कार्य के लिये अशुभ या वर्जित समझे जाने वाला भी समय होता है. जिस समय में यह कार्य करना सही नहीं रहता है. आईये देखे की विवाह के वर्जित काल कौन से है.:-...
Full story
image

गुरू के राशि परिवर्तन का प्रभाव (Effect of Jupiter's Transit Into Aquarius)

गुरू के राशि परिवर्तन को सभी उम्मीद भरी नज़रों से देखते हैं. इसका कारण यह है कि गुरू नवग्रहों में ऐसा ग्रह है जो धर्म-अध्यात्म, बुद्धि-विवेक, ज्ञान, विवाह, पति, संतान, पुत्र सुख, बड़े भाई का कारक माना जाता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी गुरू हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शरीर में वसा, पाचन क्रिया, कान, हृदय सहित लीवर को प्रभावित करता है. इन सभी विषयों में गुरू का प्रभाव आपको अपनी कुण्डली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार प्राप्त होता है....
Full story
image

शनि के वाहन का साढ़ेसाती पर प्रभाव (Impact of Saturn’s Vahan on Sadesati)

शास्त्रो मे शनि के नौ वाहन कहे गये है. शनि की साढेसाती के दौरान शनि जिस वाहन पर सवार होकर (Sadesati gives results according to Saturn’s ride) व्यक्ति की कुण्डली मे प्रवेश करते है. उसी के अनुरुप शनि व्यक्ति को इस अवधि मे फल देते है. वाहन जानने के लिए निम्न विधि से शनि साढ़ेसाती के वाहन का निर्धारण करते हैं...
Full story
image

साफ्टवेयर प्रोग्रामर कैरियर के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Software Programmer Carrer)

शुक्र ग्रह को गणन (कम्प्यूटर) का कारक माना गया है. मंगल बिजली के व सिविल इंजिनियरिंग तथा भूमि के कारक है. बुध को शिल्प, तर्क, गणना करने की योग्यता देने वाला ग्रह कहा गया है. शनि से तकनीकी काम, व यन्त्रों के ग्रह कहे गये है. सूर्य की युति मंगल के साथ होने पर इंजिनियर बनने में सहायता मिलती है....
Full story
image

पंच-पक्षी ज्योतिष पद्वति (Pancha-Pakshi Shastra Astrology System)

तमिलनाडु में प्रचलित पंच-पक्षी ज्योतिष पद्वति (Panch-pakshi Shastram) अपने आप में अनेक पद्वतियों की विशेषताओं को अपने में समाहित किये हुये है. इस विधि के अन्तर्गत फल जानने के लिये बडी - बडी गणनाएं नहीं निकालनी पडती बल्कि सरलता से जन्म पक्षी निर्धारित कर अपनी जिज्ञासा का समाधान प्राप्त किया जा सकता है. ...
Full story
image

प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Administrative Officer Carrer)

कुण्डली में बनने वाले योग ही बताते है कि व्यक्ति की आजीविका का क्षेत्र क्या रहेगा. प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश की लालसा अधिकांश लोगों में रहती है. आईये देखें कि कौन से योग प्रशासनिक अधिकारी के कैरियर में आपको सफलता दिला सकते हैं....
Full story
image

शुभ और अशुभ भकूट (Auspicious Bhakoot & malefic Bhakoot in Marriage Compatibility)

ज्योतिष के अनुसार वर और कन्या की कुण्डली मिलायी जाती है। कुण्डली मिलान से पता चलता है कि वर कन्या की कुण्डली मे कितने गुण मिलते हैं, कुल 36 गुणों में से 18 से अधिक गुण मिलने पर यह आशा की जाती है कि वर वधू का जीवन खुशहाल और प्रेमपूर्ण रहेगा. ...
Full story
image

शनि का कन्या राशि मे प्रवेश: मिथुन राशि के कंटक शनि (Saturn's Transit into Virgo: Kantak Shani for Gemini)

10 सितम्बर से शनि कन्या मे आ चुके है. इस घर मे शनि के आने से मिथुन राशि वालो की लघु कल्याणी ढैय्या शुरु हो जायेगी (Kantak Shani transit will commence for Gemini from 10 September). शनि की लघु कल्याणी ढैय्या को कंटक शनि (Kantak Shani) के नाम से भी जाना जाता है....
Full story
image

जैमिनी ज्योतिष से व्यवसायिक स्थिति (Analysing Business From Jaimini Astrology)

ज्योतिषशास्त्र ऐसा विज्ञान है जो भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों कालों को देखने की क्षमता रखता है.व्यक्ति के जीवन में होने वाली प्रत्येक घटनाओं के विषय में ज्योतिषशास्त्र (Jaimini Astrology) फलकथन करने की योग्यता रखता है.नौकरी हो अथवा व्यवसाय किस क्षेत्र में व्यक्ति को कैसी सफलता मिलेगी यह सब ज्योतिष से ज्ञात किया जा सकता है....
Full story
image

तुला राशि के लिए शनि का कन्या प्रवेश (How will the transit of Saturn into Virgo impact Libra)

शनि के 10 सितम्बर को कन्या राशि मे आते ही तुला राशि के लिए शनि की साढेसाती आरम्भ हो गई है (When Saturn enters Virgo on 10th September, Sadesati will start for Libra Moonsign). शनि एक राशि मे ढाई साल रह्ते है. इस ढाई साल मे शनि तुला राशि से बारहवे घर मे रहेगे (Saturn will be in the 12th house from Libra for 2 1/2 years). कन्या राशि बुध की राशि है. बुध तथा शनि मे मित्रता के संबध है....
Full story
image

फैशन विशेषज्ञ और ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Fashion Designer Career)

आज वैभव व फैशन का युग है. आज का युग दिखावे का रह गया है. फैशन की दुनिया (Fashion Designer Career) युवाओं को विशेष रुप से लुभाती है. इसके मायाजाल से भला कौन और कब तक बचा है....
Full story
image

ज्योतिष में अशुभ कालसर्प दोष (The Effect of Kalsarpa Dosha According to Astrology)

ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की स्थिति से बनने वाले शुभ योग हैं तो कुछ अशुभ योग भी हैं.कालसर्प दोष भी प्रमुख अशुभ योगों में से है..राहु केतु की स्थिति के अनुसार कालसर्प योग के कई प्रकार हैं.सभी कालसर्प योग अपने क्षेत्र विशेष में अशुभ परिणाम देते हैं।...
Full story
image

आर्थिक घाटे का एक कारण पंचम शनि (Pancham Shani Causes Financial Losses)

शनि की साढेसाती (Shani Sade Sati) व ढैया (Shani Dhaiya) के आर्थिक मामलों के लिए अच्छा नही समझा जाता है. इसके अतिरिक्त शनि की एक और स्थिति है जो आर्थिक स्थिति के सबसे अधिक प्रभावित करती है. जिसे पंचम शनि (Pancham Shani) के नाम से जाना जाता है....
Full story
image

लाल किताब एवं संतान योग

कुण्डली का पांचवा घर संतान भाव के रूप में विशेष रूप से जाना जाता है (The fifth house of the Lal Kitab stands for progeny). ज्योतिषशास्त्री इसी भाव से संतान कैसी होगी, एवं माता पिता से उनका किस प्रकार का सम्बन्ध होगा इसका आंकलन करते हैं....
Full story