Astrology in Hindi
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2012-02-09T22:42:33-05:00
नवमांश और कालांश में विभेद (Difference between Navamansha & Kalamsha)
http://hindijyotish.com/krishnamurthy/navamansha_kalansha.html
2008-07-17T03:10:00-04:00
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Hindi Jyotish
प्राचीन काल के ऋषियों के विषय में कहा जाता है कि वे त्रि-कालदर्शी होते थे। त्रि -कालदर्शी अर्थात भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों पर उनकी दृष्टि रहती थी। आज वक्त बदल गया है और हमारी जीवनशैली में भी काफी बदलाव आ गया है। अब न तो हमारे पास धैर्य है और न तो इतनी साधना करने का साहस है।
कृष्णमूर्ति पद्धति का आधार है वैदिक ज्योतिष (Krishnamoorthy system is based on Vedic Jyotish)
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2008-06-27T20:55:00-04:00
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Hindi Jyotish
भारतीय ज्योतिष विधा में वैदिक ज्योतिष सबसे प्राचीन और प्रमाणिक माना जाता है (Vedic Astrology is the father of all new Astrology System)। कृष्णमूर्ति पद्धति भी वैदिक ज्योतिष पर आधारित है कैसे और कहां तक यहां इन्हीं बातों का जिक्र किया जा रहा है।
कालांश और विंशोत्तरी दशा में सम्बन्ध (Relationship between Kalansha and Vimshottari Dasha)
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2008-07-16T08:47:00-04:00
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Hindi Jyotish
आधुनिक ज्योतिष परम्परा में कृष्णमू्र्ति महोदय ने एक नयी विधा को जन्म दिया है। यह विधा वैदिक ज्योतिष के मूलभूत सिद्धांतों का अनुपालन करता है लेकिन फिर भी यह कुछ बातों में वैदिक ज्योतिष से अलग मत रखता है।