Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/ ©2007 www.bloglikhi.com India bloglikhi.com 2012-05-21T23:34:33-04:00 शनि की साढेसाती : चन्द्र के अनुसार सहनशक्ति का मापन (Saturn's Transit: Endurance Test Through Moon) http://hindijyotish.com/vedic-astrology/saturn-transit-moon.html 2009-10-20T01:08:00-04:00 2009-10-20T01:08:00-04:00 Acharya Shashikant जन्म राशि के शनि के निकट आने पर शनि की साढेसाती आरम्भ होती है. और जन्म राशि का अर्थ है कुण्डली की वह राशि जिसमे चन्द्र स्थित है (Janma Rashi is the sign in which Moon was placed at the time of birth). इसलिए जन्मागं मे चन्द्र की स्थिति शनि की साढेसाती की अवधि के शुभ फलों मे कमी या बढोतरी के पूरी तरह से प्रभावित करती है. शनि की साढेसाती : सोने से कुण्दन बनने के साढेसात साल (Saturn's Sadesati : 7 1/2 Years of Endurance Test) http://hindijyotish.com/vedic-astrology/saturn-sadesati-_years-test.html 2009-10-19T05:11:00-04:00 2009-10-19T05:11:00-04:00 Acharya Shashikant शनि की महादशा व्यक्ति के संघर्ष व मेहनत की आग मे तपा कर सोने से कुण्दन बनाने के समान काम करती है. चन्द्र के ज्योतषि शास्त्र मे मन व मानसिक स्थिति का कारक कहा गया है (Moon is the karak for the heart and mental status as per Jyotish). तथा शनि के जन्मों का न्याय करके कष्ट देने वाला ग्रह कहा गया है. शनि की ढ़ईया (Shani's Dhaiya) http://hindijyotish.com/vedic-astrology/saturn_dhaiya.html 2008-08-30T04:07:00-04:00 2008-08-30T04:07:00-04:00 Hindi Jyotish भगवान शंकर जब गणों को कार्य सौंप रहे थे उस समय उन्हेंने शनिदेव को अधिकार दिया कि वे दुष्ट व्यक्तियों को दण्ड देंगे। शनि उस दिन से धरती पर ही लोगों को कर्म के अनुरूप दंड देते हैं। साढ़े साती और ढईया शनि के दंड का स्वरूप है।