Astrology in Hindi
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2012-05-21T23:36:06-04:00
बृहस्पति एवं शुक्र का दाम्पत्य जीवन पर प्रभाव (Impact of Jupiter & Venus on Married Life)
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2009-06-23T00:55:00-04:00
2009-06-23T00:55:00-04:00
Acharya Shashikant
बृहस्पति और शुक्र दो ग्रह हैं जो पुरूष और स्त्री का प्रतिनिधित्व करते हैं.मुख्य रूप ये दो ग्रह वैवाहिक जीवन में सुख दु:ख, संयोग और वियोग का फल देते हैं.
कुण्डली से विवाह का विचार (Analysing marriage through Horoscope)
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2009-01-29T08:24:00-05:00
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Acharya Shashikant
कर्म के अनुसार ईश्वर सबकी जोड़ियां बनाता है.जब जिससे विवाह होना होता है वह होकर रहता है.लेकिन जब वर और कन्या विवाह योग्य होते हैं तो माता पिता उनकी शादी को लेकर चिंतित रहते हैं
सप्तमांश से विवाह समय निर्घारण (Finding the time of marriage from Saptamansh)
http://hindijyotish.com/marriage-astrology/finding-the-time-of-marriage-from-saptamansh.html
2009-02-14T14:53:00-05:00
2009-02-14T14:53:00-05:00
Acharya Shashikant
ज्योतिषशास्त्र में विवाह के लिए नवमांश को ही आधार माना गया है और इसी के आधार पर विवाह समय का निर्घारण किया जाता है. लेकिन नवमांश के साथ ही सप्तमांश का अध्ययन भी इस संदर्भ महत्वपूर्ण है.
दाम्पत्य जीवन में बुध की भूमिका (Importance of Budh in married life)
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2008-12-26T19:22:00-05:00
2008-12-26T19:22:00-05:00
सुकान्त
ज्योतिषशास्त्र नवग्रह में बुध (Budh) को राजकुमार कहता है जिसकी अपनी कोई शक्ति नहीं होती यह जिस ग्रह के साथ होता है उसके गुण को ग्रहण कर लेता है और उसी के अनुरूप फल देता है.