Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/ ©2007 www.bloglikhi.com India bloglikhi.com 2012-05-21T23:38:26-04:00 राहु महादशा में कालसर्प दोष (Kalsarpa Dosha in Rahu Mahadasha) http://hindijyotish.com/vedic-astrology/kalsarpa-yoga-in-rahu-mahadasha.html 2009-05-04T12:30:00-04:00 2009-05-04T12:30:00-04:00 Acharya Shashikant काल सर्प दोष को ज्योतिषशास्त्र में साढ़े साती की तरह महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है (The Kalsarpa Yoga is considered as malefic as the Sadesati).यह योग जिस व्यक्ति की कुण्डली में होता है वह राहु की दशा में आसमान की बुलंदियों को छूता है तो राहु की अशुभ दशा में दु:ख एवं कष्ट भोगता है. कितने प्रकार के होते हैं काल सर्प दोष (Types of Kal sarpa Dosh) http://hindijyotish.com/vedic-astrology/types-of-kal-sarpa-yoga.html 2009-02-17T11:45:00-05:00 2009-02-17T11:45:00-05:00 Acharya Shashikant साढ़े साती और काल सर्प योग का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं. इनके प्रति लोगों के मन में जो भय बना हुआ है इसका फायदा उठाकर बहुत से ज्योतिषी लोगों को लूट रहे हैं. बात करें काल सर्प योग की तो इसके भी कई रूप और नाम हैं. काल सर्प को दोष नहीं बल्कि योग कहना चाहिये कालसर्प योग (Kal Sarp Dosha) भी शुभ फल देता है http://hindijyotish.com/vedic-astrology/kalsarp-yoga-shubh-phal.html 2009-01-15T07:23:00-05:00 2009-01-15T07:23:00-05:00 Acharya Shashikant कुण्डली में राहु और केतु की उपस्थिति के अनुसार व्यक्ति को कालसर्प योग (Kalsarp Dosha) लगता है. कालसर्प योग को अत्यंत अशुभ योग माना गया है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह योग जिस व्यक्ति की कुण्डली में होता है उसका पतन होता है.यह इस योग का एक पक्ष है ज्योतिष उपाय-3 : राहु, केतु एवं कालसर्प योग Jyotish Remedies for Rahu, Ketu and Kalsharpa Yoga http://hindijyotish.com/vedic-astrology/rahu-ketu-kalsharpa-yoga.html 2008-12-26T23:45:00-05:00 2008-12-26T23:45:00-05:00 Acharya Shashikant ग्रहों के अशुभ स्थिति में होने पर उनका उपाय किया जाता है. ग्रहों के उपचार के लिए कई तरीके ज्योतिषशास्त्र में दिये गये हैं जिनके अनुसार राहु, केतु एवं कालसर्प दोष के कुछ विशेष उपाय हैं जिन्हें आप आज़मा सकते हैं. कालसर्प योग (Kalsarp Yoga) ज्योतिष की नजर में http://hindijyotish.com/vedic-astrology/kalsarp-yoga-and-indian-vedic-astrology.html 2008-11-13T12:17:00-05:00 2008-11-13T12:17:00-05:00 Jyotirveda ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य से लेकर शनि तक सभी ग्रह जब राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं तो कालसर्प योग बन जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जिस व्यक्ति की जन्म कुण्डली में यह योग होता है उसके जीवन में काफी उतार चढ़ाव आते रहते हैं। कालसर्प योग (Kalsarpa Yog) व मंगलीक दोष (Manglik Dosh) का भय http://hindijyotish.com/vedic-astrology/fear-of-kalsarpa-yog-and-mangalik-dosh.html 2008-01-20T10:10:00-05:00 2008-01-20T10:10:00-05:00 Hindi Jyotish एक कहावत है कि संसार में उसी वस्तु की नकल होती है जिसकी माँग (Demand) अधिक होती है. प्राचीन समय में ज्योतिष केवल आवश्यकता थी परन्तु आज के दौर में आवश्यकता के साथ-साथ ज्योतिष एक फैशन भी बन गया है. ज्योतिष का अर्थ है 'ज्योति दिखलाना'. मनुष्य के जीवन में लाभ-हानि, अनुकूलता-प्रतिकूलता, शुभता-अशुभता या अच्छा-बुरा कब-कब होगा इसको ज्योतिष के माध्यम से ही जाना जा सकता है.