Vivvo CMS 4.0 Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/ ©2007 Spoonlabs d.o.o. Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/files.php?file= http://hindijyotish.com/ लाल किताब के अनुसार दान की महत्ता (Importance Of Donation According To Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/importance_of_donation.html लाल किताब Tue, 05 Feb 2008 14:20:00 -0500 भारतीय संस्कृति में दान को एक आवश्यक कर्म माना जाता है। शास्त्रो में तो यहाँ तक कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आय का 10% गरीबो व जरुरतमन्दो को दान करना चाहिए। लाल किताब में ग्रहो के वक्रत्व की अवहेलना (Negligence Of Retrogression Of Planets In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/retrogression_lal_kitab.html लाल किताब Mon, 14 Jan 2008 10:24:00 -0500 वैदिक ज्योतिष में वक्री ग्रहो (Retrograde Planets In Vedic Jyotish) का महत्वपुर्ण रोल होता है. जब सुर्य एंव ग्रह विशेष में निश्चित अंशो की दूरी होती है तब ग्रह वक्री (Retrogression Of Planets) कहलाता है. कुछ ज्योतिर्वेदो के अनुसार ग्रह वक्री होने पर और अधिक बलवान हो जाता है अर्थात शुभग्रह वक्री होने (Retrogression Of Auspicious Planets) पर शुभ बलशाली एंव क्रुर ग्रह वक्री (Retrogression Of Inauspicious Planets) होने पर अशुभ बलशाली हो जाता है. ग्रह अपने वक्रत्व काल (Bakratwa Kal) में विशेष फल देता है. लाल किताब में अलग अलग ॠण (Different Types of Rins In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/different_types_of_rins_in_lal_kitab.html लाल किताब Mon, 04 Feb 2008 12:32:00 -0500 लाल किताब के अनुसार ऋण-पितृ (Pitru Rin) से तात्पर्य कुण्डली वाले व्यक्ति पर उसके अपने पूर्वजो के पाप का गुप्त प्रभाव होता है. कुण्डली में जिस ग्रह की राशी (Rashi Of Planet) में उसका दुश्मन ग्रह (Malefic Planet) बैठ जाये तथा वह ग्रह स्वंय भी अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति ऋण-पितृ से ग्रस्त होगा. लाल किताब में ग्रहो की दृष्टियाँ (Aspects of Planets in Lal-Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/aspects-of-planet-in-lalkitab.html लाल किताब Thu, 13 Dec 2007 23:30:00 -0500 वैदिक ज्योतिष में दृ्ष्टियो के सम्बन्ध में अपना एक अलग सिद्धान्त है. यहाँ पर दृष्टि ग्रह की होती है भाव की नहीं. दूसरे पूर्ण दृष्टि ही मान्य है आधी-अधूरी नही. वैदिक ज्योतिष के एक अन्य सिद्धान्त में नैसर्गिक ग्रहो की मित्रता एंव शत्रुता स्थायी होती है तथा एक-दूसरे पर दृष्टि का आधार भी नैसर्गिक होता है. परन्तु लाल किताब अपने विशेष सिद्धान्त पर कार्य करती है. लाल किताब में सोया हुआ भाव/ ग्रह (Sleepy House/Planets In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/sleepy_house_planets_lalkitab.html लाल किताब Thu, 10 Jan 2008 16:00:00 -0500 वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब कोइ ग्रह सूर्य के समीप आता है तो अस्त (Retrograde) हो जाता है. इसका आधार ग्रहो के अंश (Degree of Planets) होते हैं. चूकि लाल किताब (Lal Kitab) अंश के सिद्धान्त (Result of Degree) को मानती नही है अतः यहाँ पर भाव/ ग्रह के सोये होने (Sleepy Condition of House/ Planets ) का नियम लागू होता है. लाल किताब के सिद्धान्त एंव नियम (Principles And Laws Of Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/principles_laws_lal_kitab.html लाल किताब Thu, 10 Jan 2008 09:53:00 -0500 किसी भी प्रकार के ज्ञान को समझने के लिए उसके सिद्धान्तो एंव नियमो के बारे में जानना अतिआवश्यक है. क्योकि ये दोनो ही ज्ञान का आधार होते हैं. लाल किताब का सम्बन्ध ज्योतिष (Jyotish Related to Lal KItab) से है तथा अन्य ज्योतिष की विद्याओ (शाखाओं) (Branches Of Jyotish) की भांति लाल किताब स्वंय में एक ग्रन्थ है. लाल किताब में ग्रहो के पक्के घर (Pakka Houses of Planets In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/42.html लाल किताब Tue, 15 Jan 2008 03:37:00 -0500 जिस प्रकार वैदिक ज्योतिष में ग्रहो का कारक (Significator Of Planets) के रुप में प्रयोग भावानुसार (According To Bhav) होता है, उसी प्रकार लाल किताब में प्रत्येक भाव का कारक (Significator Of House) होता है. लालकिताब के अनुसार धोखा फल (Dhokha In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/dhokha_in_lal_kitab.html लाल किताब Sat, 02 Feb 2008 10:18:00 -0500 कुण्डली के किसी भी भाव में स्थित ग्रह अपने से दसवें स्थान में स्थित ग्रह को अपनी धोखे की दृष्टि से अशुभ फल प्रदान करता है. जैसे कि उपरोक्त कुण्डली में दशम भाव (Tenth House) में बैठा सूर्य अपनी दशम दृष्टि (Tenth Aspects Of Sun) सप्तम भाव पर डालकर पत्नि या वैवाहिक जीवन की हानि करता है. ग्रहो की समयावधि (Time Period Of Planets In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/time_period_of_planets.html लाल किताब Fri, 01 Feb 2008 13:52:00 -0500 लाल किताब में जन्म से 48 वर्षों तक सभी नौ ग्रहो के नौ ऎसे विशेष वर्ष होते हैं जो ग्रह सम्बन्धित शुभ या अशुभ फल विशेष रुप से प्रदान करते हैं. कौन सा ग्रह किस वर्ष में विशेष फल (Vishesh Phal) देता हैवह इस प्रकार से है. टकराव (Collision In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/collision_in_lal_kitab.html लाल किताब Thu, 31 Jan 2008 12:35:00 -0500 प्रत्येक ग्रह अपने से अष्टम भाव (Eighth House) में स्थित ग्रह से शत्रुता करता है एंव उसके शुभ प्रभाव की हानि करता है चाहे वह उसका नैसर्गिक मित्र (Natural Friendship) ही क्यूं न हो. Astrology in Hindi