Vivvo CMS 4.0 Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/ ©2007 Spoonlabs d.o.o. Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/files.php?file= http://hindijyotish.com/ बुनियाद (Buniyad Kundli In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/buniyad_kundli_in_lal_kitab.html लाल किताब Thu, 31 Jan 2008 12:53:00 -0500 कुण्डली के किसी भी भाव में स्थित ग्रह अपने से नवम भाव (Ninth House) में स्थित ग्रह उसकी बुनियाद होगा. यहाँ पर भी नैसर्गिक शत्रुता-मित्रता (Natural Enmity And Friendship) का नियम लागु नहीं होता. उपरोक्त कुण्डली में लग्न में शुक्र स्थित (Venus In the Ascendant) है एंव नवम भाव में गुरु (Jupiter In Ninth House) स्थित है. आपसी मदद (Mutual Help Kundli In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/mutual_help_kundli_in_lal_kitab.html लाल किताब Wed, 30 Jan 2008 12:36:00 -0500 लाल किताब में दृष्टि के सम्बन्ध में कुछ विशेष नियम है जिनकी समीक्षा हम यहाँ करेंगे. बनावटी ग्रह (Banawati Planets In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/banawati_planets_in_lal_kitab.html लाल किताब Wed, 30 Jan 2008 12:28:00 -0500 लाल किताब पद्वति मे बनावटी ग्रहो (Bnawati Planets) का प्रयोग किया जाता हे। बनावटी ग्रह दो अन्य ग्रहो के आपस में युति सम्बन्ध बनाने पर बनते हैं। जब मूल ग्रह (Mula Grah) किसी कारण से पीडित होता है तो उसे शुभ या बलवान बनाने के लिए बनावटी ग्रह का उपाय (Remedies For Banawati Planets) किया जाता हे। कुर्बानी के बकरे (Kurbane Ke Bakre In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/kurbane_ke_bakre_in_lal_kitab.html लाल किताब Tue, 29 Jan 2008 19:00:00 -0500 लाल किताब की अपनी एक पद्वति (Own method Of Lal Kitab) है. इसमें जब कोई ग्रह अपने शत्रु ग्रह (Shatru Grah) द्वारा पीडित होता है तो वह अपना अशुभ प्रभाव किसी अन्य ग्रह द्वारा प्रदर्शित करता है. जिस ग्रह के द्वारा वह पीडित ग्रह अपना प्रभाव प्रकट करता है उसे कुर्बानी का बकरा (Kurbane ke Bakre) कहा जाता है. अर्थात पीडित ग्रह (Afflicted Planets) अपनी बलाऎं अपने किसी मित्र पर डालकर स्वयं साफ बच निकलता है. कौन सा ग्रह किस अन्य को कुर्बान करता है वह इस प्रकार से है:- सोया ग्रह (Sleepy Planets In Lal KItab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/sleepy_planets_in_lal_kitab.html लाल किताब Mon, 28 Jan 2008 23:53:00 -0500 जब पहले भावों (प्रथम से छटे भाव तक) में कोई ग्रह न हो तो (Absent Of Planets Starting From First House To Sixth House) बाद के भावों (सप्तम से द्वादश भाव) (From Seventh House To Twelveth House) के ग्रह सोए हुए माने जाते हैं अर्थात उन ग्रहों का शुभ या अशुभ प्रभाव सिर्फ उसी भाव में होगा जिस भाव में वो स्थित है. दृष्टियाँ (Aspects In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/aspects_lalkitab.html लाल किताब Mon, 28 Jan 2008 12:20:00 -0500 लाल किताब (Lal kitab) में दृष्टि का सिद्धान्त वैदिक ज्योतिष पद्वति से सर्वथा भिन्न है. लाल किताब पद्वति में एक भाव की दृष्टि दूसरे भाव पर होती है. इसमें मुख्यतः तीन प्रकार की दृष्टि (Aspects) होती है. 1) पूर्ण दृष्टि (Full Aspect) 2) अर्द्ध दृष्टि (Half Aspect) 3) चौथाई दृष्टि ( One-Quarter Aspect) नाबालिग ग्रहो वाली कुण्डली (Nabalig Graho Wali Kundali In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/nabalig_graho_wali_kundali.html लाल किताब Mon, 28 Jan 2008 17:40:00 -0500 बालक के जन्म समय से लेकर 12 वर्ष की उम्र तक की कुण्डली को भी नाबालिग माना जाता है. इस स्थिति में एक से बारह वर्ष की आयु तक फलित देखने का नियम इस प्रकार से है:- कायम ग्रहो वाली कुण्डली (Kayam Graho Wali Kundli In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/kayam_graho_wali_kundli.html लाल किताब Thu, 24 Jan 2008 23:08:00 -0500 कायम ग्रह (Kayam Grah) उसे कहते हैं जो कि शत्रु ग्रह की युति व दृष्टि से रहित हो तथा उस ग्रह की राशी व पक्के घर (Pakka Ghar) में भी शत्रु ग्रह न हो तो वह कायम ग्रह अर्थात पूर्ण स्थापित ग्रह कहलाता है. एसा ग्रह पूर्ण रुप से बलवान होता है. धर्मी कुण्डली (Dharmi Kundli In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/dharmi_kundli.html लाल किताब Thu, 24 Jan 2008 16:12:00 -0500 जब किसी व्यक्ति की कुण्डली के चतुर्थ भाव में राहु या केतु हो (Rahu And Ketu In Fourth House) या फिर कुण्डली के किसी भी भाव में चन्द्रमा के साथ राहु हो या केतु हो (Rahu And Ketu With Moon) तो कुण्डली धर्मी कहलाती है. अन्य स्थिति में जब शनि एकादश भाव (Saturn In Eleventh House) में हो या बृहस्पति व शनि (Combination Of Jupiter And Saturn) की युति कुण्डली के किसी भी भाव में हो तो वह धर्मी कुण्डली कहलाती है. अन्धी कुण्डली (Andhi Kundli In Lal Kitab) http://hindijyotish.com/lal-kitab/andhi_kundli.html लाल किताब Fri, 25 Jan 2008 14:28:00 -0500 अन्धी कुण्डली का सीधा सम्बन्ध दशम भाव (Direct Relationship WithTenth House) से है. दशम भाव के पाप पीडित होने से कुण्डली अन्धी कही जाती है. Astrology in Hindi