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Tag: lal+kitab

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मुकाबले के ग्रहो वाली कुण्डली (Mukable Ke Graho Wali Kundli In Lal Kitab)

वो ग्रह जिनमें आपस में नैसर्गिक मित्रता (Natural Friendship) हो उनमें से किसी एक ग्रह की राशी या भाव (Sign & Bhava) में कोई शत्रु ग्रह बैठ जाये तो दोनो मित्र ग्रहो की आपस में शत्रुता पैदा हो जायेगी तथा वह कुण्डली मुकाबले के ग्रहो वाली कुण्डली (Mukable Ke Graho Wali Kundli) कहलायेगी. ...
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साथी ग्रहो वाली कुण्डली (Sathi Graho Wali Kundli In Lal Kitab)

जब किसी कुण्डली में ग्रह एक दूसरे की राशी में या एक दूसरे के पक्के घरों में अदल-बदल कर बैठ जायें तो ऎसी कुण्डली साथी ग्रहों वाली कुण्डली (Sathi Graho wali Kundli) कहलाती है. ...
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अन्धराती कुण्डली (Andhrati Kundli In Lal Kitab)

अन्धराती कुण्डली (Andhrati Kundli) केवल दो ग्रहो के कारण बनती है. इसमें सूर्य व शनि का महत्वपूर्ण योगदान होता है अर्थात जब कुण्डली के चतुर्थ भाव में सूर्य (Sun In Fourth House) और सप्तम भाव में शनि (Saturn In Seventh House) हो तो वह कुण्डली अन्धराती कहलाती है अथवा इसे आधी अन्धी कुण्डली (Andhi Kundli) भी माना जाता है. ...
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धोखा देने वाले ग्रह (Dhoka Dene Wale Grah In Lal Kitab)

जब व्यक्ति की कुण्डली नाबालिग (Nabalig) होती है तो उसे बारह वर्षों तक प्रत्येक वर्ष कौन सा ग्रह धोखा देता है उसका विवरण इस प्रकार है:- ...
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