Astrology in Hindi http://hindijyotish.com/ ©2007 www.bloglikhi.com India bloglikhi.com 2012-05-22T00:32:50-04:00 मांगलिक दोष का उपचार (Remedies of Manglik Dosha or Kuja Dosha) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/remedies-of-manglik-dosha-kuja-dosha.html 2009-06-26T04:01:00-04:00 2009-06-26T04:01:00-04:00 Acharya Shashikant मंगल की स्थिति से रोजी रोजगार एवं कारोबार मे उन्नति एवं प्रगति होती है तो दूसरी ओर इसकी उपस्थिति वैवाहिक जीवन के सुख बाधा डालती है. वैवाहिक जीवन में शनि को विशेष अमंलकारी माना गया है. बृहस्पति एवं शुक्र का दाम्पत्य जीवन पर प्रभाव (Impact of Jupiter & Venus on Married Life) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/jupiter-venus-on-married-life.html 2009-06-23T00:55:00-04:00 2009-06-23T00:55:00-04:00 Acharya Shashikant बृहस्पति और शुक्र दो ग्रह हैं जो पुरूष और स्त्री का प्रतिनिधित्व करते हैं.मुख्य रूप ये दो ग्रह वैवाहिक जीवन में सुख दु:ख, संयोग और वियोग का फल देते हैं. शनि एवं विवाह (Saturn and Marriage) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/saturn-and-marriage.html 2009-05-08T16:42:00-04:00 2009-05-08T16:42:00-04:00 Acharya Shashikant विवाह एवं वैवाहिक जीवन के विषय में ग्रहों की स्थिति काफी कुछ बताती है.सप्तम भाव को विवाह एवं जीवनसाथी का घर कहा जाता है.इस भाव एवं इस भाव के स्वामी के साथ ग्रहों की स्थिति के अनुसार व्यक्ति को शुभ और अशुभ फल मिलता है. प्रेम विवाह में ग्रहयोग (Planetary Combinations and Love Marriage) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/planetarycombinations-and-love-marriage.html 2009-04-29T06:05:00-04:00 2009-04-29T06:05:00-04:00 Acharya Shashikant ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की युति भी प्रेम को विवाह की परिणिति तक लेजाने में मददगार होती है. मंगली दोष (Manglik Dosha) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/manglik-dosha.html 2009-04-22T21:00:00-04:00 2009-04-22T21:00:00-04:00 Acharya Shashikant मंगल उष्ण प्रकृति का ग्रह है.इसे पाप ग्रह माना जाता है. विवाह और वैवाहिक जीवन में मंगल का अशुभ प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देता है. सप्तमांश से विवाह समय निर्घारण (Finding the time of marriage from Saptamansh) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/finding-the-time-of-marriage-from-saptamansh.html 2009-02-14T14:53:00-05:00 2009-02-14T14:53:00-05:00 Acharya Shashikant ज्योतिषशास्त्र में विवाह के लिए नवमांश को ही आधार माना गया है और इसी के आधार पर विवाह समय का निर्घारण किया जाता है. लेकिन नवमांश के साथ ही सप्तमांश का अध्ययन भी इस संदर्भ महत्वपूर्ण है. दाम्पत्य जीवन में बुध की भूमिका (Importance of Budh in married life) http://hindijyotish.com/vedic-astrology/importance-of-budh-in-married-life.html 2008-12-26T19:22:00-05:00 2008-12-26T19:22:00-05:00 सुकान्त ज्योतिषशास्त्र नवग्रह में बुध (Budh) को राजकुमार कहता है जिसकी अपनी कोई शक्ति नहीं होती यह जिस ग्रह के साथ होता है उसके गुण को ग्रहण कर लेता है और उसी के अनुरूप फल देता है. कन्या की कुण्डली में वैवाहिक स्थिति (Girls Kundali & Marriage Match Making) http://hindijyotish.com/marriage-astrology/girls-kundali-marriage-match-making.html 2009-01-16T11:33:00-05:00 2009-01-16T11:33:00-05:00 Acharya Shashikant कन्या के माता पिता को अपनी पुत्री की शादी के सम्बन्ध में सबसे अधिक चिन्ता रहती है. कन्या भी अपने भावी जीवन, पति, ससुराल एवं उससे सम्बन्धित अन्य विषयों को लेकर फिक्रमंद रहती है.