Astrology in Hindi
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2012-02-09T22:33:46-05:00
मुहूर्त और शुभ योग (Muhurta and Subha yoga)
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2009-03-17T09:30:00-04:00
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Acharya Shashikant
मुहू्र्त यानी किसी कार्य विशेष के लिए शुभ और अशुभ समय.ज्योतिषशास्त्र की गणितीय विधि में शुभ मुहूर्त के लिए कई विशिष्ट योगों का जिक्र किया गया है.
शपथ ग्रहण करने का मुहुर्त (Muhurta for oath)
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2008-05-21T20:10:00-04:00
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Acharya Shashikant
प्राचीन काल में राज हुआ करते थे। राजगद्दी पर बैठने से पहले राजाओं का राज्याभिषेक होता था, राजा इस अवसर पर जनता की देखभाल अपने पुत्र के समान करने की सौगंध लेते थे, व राष्ट्रहित में कोई भी निर्णय लेने का वादा करते थे।
सम्पत्ति बंटवारे के लिए शुभ मुहुर्त - Muhurat for property Distribution
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2008-05-20T10:34:00-04:00
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Acharya Shashikant
कहा जाता है कि दुनियां में संघर्ष का सबसे बड़ा कारण है सम्पत्ति। सभी व्यक्ति चाहते हैं कि उनके हिस्से में अधिक से अधिक सम्पत्ति आए इसके लिए जब भी सम्पत्ति विभाजन की बात आती है सभी हिस्सेदार अपने अपने स्वार्थ को साधने में जुट जाते हैं, इस परिस्थिति में कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि आपस में कलह, विवाद एवं संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है और बात अदालत तक पहु्च जाती है।
Muhurat in our daily life - मुहूर्त विचार
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2009-01-02T21:17:00-05:00
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Acharya Shashikant
आम भाषा में हम जिसे शुभ और अशुभ समय कहते हैं ज्योतिषशास्त्र की भाषा में वह समय ही मुहूर्त कहलाता है.ज्योतिषशास्त्र कहता है किसी भी कार्य की सफलता की आधी गारंटी तभी मिल जाती है जब कोई कार्य शुभ मुहूर्त में किया जाता है.यही कारण है कि हमें जीवन में मुहूर्त का ध्यान रखकर कोई कार्य शुरू करना चाहिए.
यात्रा का मुहुर्त-1 - नक्षत्र, तिथि, करण एवं वार विचार - Muhurta for journey - Nakshatra, Tithi, Karan and Var vichar
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2008-05-25T07:44:00-04:00
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Acharya Shashikant
मनुष्य विभिन्न उद्देश्यों और कार्यों से जीवन में समय समय पर यात्रा करते। जब हम किसी विशेष उद्देश्य या कार्य से यात्रा करते हैं तो हमारी अपेक्षा रहती है कि जिस प्रयोजन मे हम यात्रा कर रहे हें उसमें हमें सफलता प्राप्त हो।
Yatra Muhurat -2 : Var Shoola, Yoga, Chandranivas, Sammukh Sukra, Parigh Dand
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2008-05-25T09:28:00-04:00
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Acharya Shashikant
इस श्रृंखला में भाग 1 की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए देखते हैं कि यात्रा के समय मुर्हुत का आंकलन करते समय किन किन बातो को ध्यान में रखना चाहिए।
यात्रा का मुहुर्त- 3 - Yogni Niwas, Tara Sudhhi, Chandra Sudhhi), Ghat, Lagna
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2008-06-02T07:03:00-04:00
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Acharya Shashikant
यात्रा का मुहुर्त के तीसरे भाग में अब आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे कि योगिनी निवास, तारा, चन्द्र शुद्धि, घात व लग्न यात्रा के संदर्भ में क्या प्रभाव डालते हैं और इनका आंकलन किस प्रकार किया जाता है।
दुकान खोलने का मुहुर्त (Muhurta for opening the shop)
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2008-05-17T20:51:00-04:00
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Acharya Shashikant
जो भी व्यक्ति दुकान खोलते हैं उनकी आशा यही रहती है कि उनकी दुकान खूब चले। परंतु हर व्यक्ति की यह आश पूर्ण नहीं हो पाती है। दुकान खोलने वालों में कई ऐसे भी लोग होते हैं जिन्हें किन्ही कारणों से अपनी दुकान कुछ महीनों में बंद कर देनी पड़ती है
समझौता करने का मुहुर्त (Muhurta for Compromise)
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2008-05-20T06:13:00-04:00
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Hindi Jyotish
कहते हैं कि लकड़ी को जितना काटा जाता है वह उतना ही पतली होती जाती है और बातों को जितना काटा जाय वह उतना ही मोटा होता जाता है। कहावत का तात्पर्य है कि लड़ाई झगड़े से कुछ हासिल नहीं होता है जितना ही बातों को बढ़ाएंगे मनमुटाव उतना ही बढ़ता जाएगा। मनमुटाव व संधर्ष को समाप्त करने का एक आसान से तरीका है समझौता।