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मंगल लाल किताब में (Mars in Lal Kitab)
लाल रंग का प्रभावशाली और ओजस्वी ग्रह है मंगल.मंगल को उसके पराक्रम के कारण देवताओं का सेनापति भी कहा गया है....लाल किताब मे चन्द्रमा (Moon in Lal Kitab)
चन्द्रमा शुभ ग्रह है.यह शीतल और सौम्य प्रकृति धारण करता है.ज्योतिषशास्त्र में इसे स्त्री ग्रह के रूप में स्थान दिया गया है.यह वनस्पति, यज्ञ एवं व्रत का स्वामी ग्रह है....लाल किताब में कालसर्प दोष (Kalsarp Dosha according to Lalkitab)
वैदिक ज्योतिष के समान लाल किताब भी भविष्य जानने की एक विधा है.लाल किताब में ग्रहों के योग और उनके फल के सम्बन्ध में अपनी मान्यताएं है.ज्योतिष की इस विधा में भी कालसर्प है और इसका फल एवं उपाय है लेकिन कालसर्प को देखने का नजरिया अलग है.आइये हम भी लाल किताब से कालसर्प को जानें....भविष्य कथन की विभिन्न पद्धतियां (The various systems for predicting the future)
भविष्य जानने की उत्सुकता हम सभी के मन में रहती है.अपनी इस उत्सुकता को शांत करने के लिए हम ज्योतिष की विभिन्न पद्धतियों का सहारा लेते हैं.भारत सहित विश्व के अन्य देशों में भविष्य कथन के लिये पद्धतियां हैं...आपसी मदद (Mutual Help Kundli In Lal Kitab)
लाल किताब में दृष्टि के सम्बन्ध में कुछ विशेष नियम है जिनकी समीक्षा हम यहाँ करेंगे. ...बनावटी ग्रह (Banawati Planets In Lal Kitab)
लाल किताब पद्वति मे बनावटी ग्रहो (Bnawati Planets) का प्रयोग किया जाता हे। बनावटी ग्रह दो अन्य ग्रहो के आपस में युति सम्बन्ध बनाने पर बनते हैं। जब मूल ग्रह (Mula Grah) किसी कारण से पीडित होता है तो उसे शुभ या बलवान बनाने के लिए बनावटी ग्रह का उपाय (Remedies For Banawati Planets) किया जाता हे। ...कुर्बानी के बकरे (Kurbane Ke Bakre In Lal Kitab)
लाल किताब की अपनी एक पद्वति (Own method Of Lal Kitab) है. इसमें जब कोई ग्रह अपने शत्रु ग्रह (Shatru Grah) द्वारा पीडित होता है तो वह अपना अशुभ प्रभाव किसी अन्य ग्रह द्वारा प्रदर्शित करता है. जिस ग्रह के द्वारा वह पीडित ग्रह अपना प्रभाव प्रकट करता है उसे कुर्बानी का बकरा (Kurbane ke Bakre) कहा जाता है. अर्थात पीडित ग्रह (Afflicted Planets) अपनी बलाऎं अपने किसी मित्र पर डालकर स्वयं साफ बच निकलता है. कौन सा ग्रह किस अन्य को कुर्बान करता है वह इस प्रकार से है:- ...सोया ग्रह (Sleepy Planets In Lal KItab)
जब पहले भावों (प्रथम से छटे भाव तक) में कोई ग्रह न हो तो (Absent Of Planets Starting From First House To Sixth House) बाद के भावों (सप्तम से द्वादश भाव) (From Seventh House To Twelveth House) के ग्रह सोए हुए माने जाते हैं अर्थात उन ग्रहों का शुभ या अशुभ प्रभाव सिर्फ उसी भाव में होगा जिस भाव में वो स्थित है. ...दृष्टियाँ (Aspects In Lal Kitab)
लाल किताब (Lal kitab) में दृष्टि का सिद्धान्त वैदिक ज्योतिष पद्वति से सर्वथा भिन्न है. लाल किताब पद्वति में एक भाव की दृष्टि दूसरे भाव पर होती है. इसमें मुख्यतः तीन प्रकार की दृष्टि (Aspects) होती है. 1) पूर्ण दृष्टि (Full Aspect) 2) अर्द्ध दृष्टि (Half Aspect) 3) चौथाई दृष्टि ( One-Quarter Aspect) ...नाबालिग ग्रहो वाली कुण्डली (Nabalig Graho Wali Kundali In Lal Kitab)
बालक के जन्म समय से लेकर 12 वर्ष की उम्र तक की कुण्डली को भी नाबालिग माना जाता है. इस स्थिति में एक से बारह वर्ष की आयु तक फलित देखने का नियम इस प्रकार से है:- ...- आपकी कुंडली में शुभ योग (Shubh Yoga in your Kundli)
- दैनिक - ज्योतिष (Daily Astrology) - Hindi Rashifal
- हस्तरेखा से जानिए अपना भाग्य (Know your fortune through Palmistry)
- कालसर्प योग (Kal Sarp Dosha) भी शुभ फल देता है
- तुला राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Tula Rashi)
when i am having putra yog
my dob is 4.8.80 at 2.40pm in bilaspur[cg] i get married 1 year ago i want to know that when will i get child. please ...
meri shaadi kab hogi ? aur love hogi ya arrange marriage?
DOB: 28TH August 1977
TIME: Near about 9:20 AM
DAY: Sunday
PLACE : ...
mai naukri kab paunga aur mere shadi us ladki se hoge ya nahi jisse mai chahta hu
dob----13-03-1991
time---07.00am
citu---gorakhapur(u.p)
meri dob. 8.oct.1992 plz bataiye sadi kab hogi love hogi ya aarang..
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